कौशल विकास के माध्यम से रोजगार सृजन

कौशल विकास के माध्यम से रोजगार सृजन

भारत सरकार ने अपने विभिन्न कार्यक्रमों और नीतियों के माध्यम से स्वरोजगार और वेतनभोगी रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कौशल विकास को प्राथमिकता दी है, और आंशिक, अल्प-स्तरीय कौशलीकरण प्रयासों से हटकर एक व्यापक, अधिक समन्वित, डिजिटल रूप से सक्षम और शिक्षा-एकीकृत कौशलीकरण और उद्यमिता इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया है। कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के तहत कौशल विकास केंद्रों के एक व्यापक नेटवर्क और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) द्वारा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के जरिए देश भर में समाज के सभी वर्गों, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी शामिल हैं, को कौशल, पुनर्कौशलीकरण औरकौशलोन्‍नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है। कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना और उन्हें उद्योग से संबंधित कौशलों से सुसज्जित करना है।

भारत में उत्तर प्रदेश और इसके चंदौली जिले में एमएसडीई की विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों का विवरण निम्नलिखित है:

 पीएमकेवाई(स्थापना से लेकर दिनांक 31.12.2025 तक)जेएसएस(वर्ष 2018-19 से दिनांक 31.12.2025 तक)एनएपीएस(वर्ष 2018-19 से दिनांक 31.12.2025 तक)सीटीएस / आईटीआई(वर्ष 2018-19 से दिनांक 31.12.2025 तक)
अखिल भारत1,64,34,21034,14,18147,19,9231,07,42,151
उत्तर प्रदेश25,09,3636,18,4163,60,62725,50,273
चंदौलीजिला18,92313,2652,70629,759

एमएसडीई की योजनाएं मांग आधारित हैं और इन योजनाओं के तहत प्रशिक्षण केंद्र आवश्यकता के आधार पर स्थापित या संचालित किए जाते हैं। उत्तरप्रदेशऔरउसके चंदौलीजिले में एमएसडीई के स्‍कीमों के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण केंद्रों का ब्‍यौरा नीचे दिया गया है :

 पीएमकेवीवाई 4.0 केंद्र(एसटीटी+एसपी)*जेएसएस केंद्रएनएपीएस प्रतिष्ठानआईटीआईएस(सरकारी और निजी)
अखिल भारत12,85629455,42414,615
उत्तर प्रदेश2,581477,4873,304
चंदौली जिला3119243

अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटीऔर विशेष परियोजनाएं (एसपी)

वेतन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार की कुछ अतिरिक्त पहलों में निम्नलिखित शामिल हैं:

i.   देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता और प्रासंगिकता को बढ़ाने के लिए, प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफोरमेशन थ्रू अपग्रेडिड आईटीआईएस (पीएम-सेतु) योजना का उद्देश्य अन्य बातों के साथ-साथ हब और स्पोक मॉडल में 1,000 सरकारी आईटीआई (200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई) का उन्नयन करना है। इस उन्नयन में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल सामग्री और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, इसका उद्देश्य भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर और लुधियाना में स्थित पांच राष्ट्रीय आईटीआई की क्षमता बढ़ाना है, जिसमें कौशलीकरण के लिए क्षेत्र-विशिष्ट राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना भी शामिल है, जहां वैश्विक साझेदारी के साथ प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ii.  कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) अपने स्वायत्त संस्थानों, जैसे राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निस्बड), नोएडा और भारतीय उद्यमिता संस्थान (आईआईई), गुवाहाटी के माध्यम से उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) और उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम (ईएसडीपी) संचालित करता है, ताकि उद्यमिता और स्वरोजगार कार्यों को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा, एमएसडीई ने नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के सहयोग से फरवरी 2025 में उत्तर पूर्व राज्यों असम, मेघालय, मिजोरम और उत्तर प्रदेश एवं तेलंगाना में स्वावलंबिनी – एक महिला उद्यमिता कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमिता जागरूकता प्रशिक्षण (ईएपी) और उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) के माध्यम से छात्राओं में उद्यमशीलता की मानसिकता विकसित करना है।

iii- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) देश भर में सूक्ष्म एवं लघु उद्यम – क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई-सीडीपी) लागू कर रहा है। यह मांग आधारित और केंद्रीय क्षेत्र योजना है। इस योजना के तहत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों से उनके राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूदा क्लस्टरों की साझा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रस्ताव प्राप्त किए जाते हैं। एमएसई-सीडीपी योजना के तहत, वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान उत्तर प्रदेश के चंदौली स्थित चावल मिल क्लस्टर में साझा सुविधा केंद्र (सीएफसी) स्थापित करने के प्रस्ताव को कुल 15.00 करोड़ रुपये की परियोजना लागत पर अनुमोदन प्रदान किया गया है जिसमें भारत सरकार का 12.0 करोड़ रुपये का अनुदान शामिल है।

iv- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित कृषि-व्यापार इनक्यूबेशन केंद्र, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय की नेक्स्ट जेनरेशन इनक्यूबेशन योजना, नीति आयोग के अटल इनक्यूबेशन केंद्र, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के जैव प्रौद्योगिकी इनक्यूबेशन केंद्र, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सूक्ष्म खाद्य उद्यमों के पीएम फॉर्मूलेशन आदि जैसी विभिन्न पहलों/योजनाओं द्वारा स्टार्टअप/नए उद्यमों को सहायता दी जा रही है।

v- इसके अलावा, सरकार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम), दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई), ग्रामीण स्वरोजगार और प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई), दीन दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम), पीएम विकसित भारत रोजगार योजना, पीएम विश्वकर्मा, और अन्य जैसी रोजगार सृजन योजनाएं/कार्यक्रम भी लागू कर रही है।

यह जानकारी कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

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साभार पी आई बी

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